भारत में कोरोना काफी तेजी से फैल रहा है ऐसे में कुछ मरीज होम आइसोलेशन में भी हैं। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में लाखों भारतीय होम क्वांरीटन हैं। क्वारंटीन में रहते हुए कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरुरी है।
भारत में होम क्वारंटीन और आइसोलेशन एक - दूसरे के साथ इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन उनके बीच महत्वपूर्ण अंतर है। सीडीसी के मुताबिक, आइसोलेशन दूसरों से उन लोगों को दूर रखता है जो एसिम्पटोमैटिक मामले समेत कोरोना की जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं। ये अस्पताल या घर पर हो सकता है। क्वारंटीन दूसरों से अलग करती है उन लोगों को जो संक्रमित शख्स के संपर्क में थे।आइये जानते हैं ऐसी क्या चीजें हैं जो होम आइसोलेशन में काम आती हैं।
होम आइसोलेशन में हैंड सैनेटाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मोमीटर, 14 दिन की खाद्य सामग्री और साफ-सफाई के सामान, दवा, इम्यूनिटी बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स जैसे- विटामिन सी, डी और जिंक, डिस्पोजेबल प्लेट, प्याला, क्वांरीटन रूम में फर्श की सफाई के लिए डिसइंफेक्टेंट स्प्रे या वाइप्स जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, होम आइसोलेशन के तहत मरीजों को लक्षण शुरू होने के 10 दिन या तीन दिन तक बुखार नहीं होने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी. उसके बाद मरीज को घर पर आइसोलेट करने की सलाह दी जाएगी और अगले 7 दिनों तक अपने स्वास्थ्य की खुद से मॉनिटरिंग करनी होगी।
- अर्पित ओमर (सीनियर कंटेंट राइटर)
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