Monday, 16 September 2019

क्या आप भी बिज़ी हैं?

आजकल लोगों के पास कई तरह के बहाने होते हैं जैसे कि हमारे पास समय नहीं है, हम बहुत व्यस्त हैं, लेकिन ये सच नहीं है। हम अपने घर, ऑफिस, परिवार और यहां तक कि बच्चों को भी बोल देते हैं कि मैं बहुत बिज़ी हूं। मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं है। यहां तक कि जब मैं किसी को कुछ समय मेडिटेशन या ध्यान या योग करने के लिए बोलता हूं तो यही जबाव मिलता है कि मैं बहुत बिज़ी हूं, मुझसे तो इतनी सुबह उठा नहीं जाएगा। इसका मतलब हुआ कि मेरे पास खुद के लिए ज़रा सा भी समय नहीं है।

जिस इंसान का खुद से कोई कनेक्शन न हो, जिसके पास अपने परिवार और बच्चों के लिए समय न हो तो उसके जीवन का क्या फायदा? आखिर हम सभी कर क्या रहे हैं? किस काम में बिजी हैं? यह हम सभी के लिए जरुरी सवाल हैं। हम पूरे दिन में बिज़ी शब्द प्रयोग करते हैं। वास्तव में हम कौन-सा काम करने में बिज़ी होते हैं? इस सवाल का जवाब मिलता है कि पैसे कमाने में बिज़ी हैं।

किसी भी दिन आप घर में सभी लोगों को बुलाएं और उनसे सवाल पूछें कि आपको मेरे साथ थोड़ा समय चाहिए या पैसा चाहिए? जिसके लिए हम दिन रात जागकर कमाई कर रहे हैं उनकी इच्छा तो पूछना चाहिए ना? उन्हें ज्यादा पैसा नहीं चाहिए उन्हें तो सिर्फ आपका साथ चाहिए। 10 साल बाद आपको अपना ही बच्चा बोलेगा कि जो चाहिए था वो तो आपने दिया नहीं। हम हर समय बिजी-बिजी बोल रहे हैं। आजकल हर समय साथ में मोबाइल भी है, थोड़ी देर फ्री होकर बैठेंगे भी तो उसमें कोई न कोई व्हाट्सएप मैसेज आ ही जाता है, तो हमारे पास फैमिली के लिए कितना समय बचता है?

इस बात पर हम सभी को गौर करने की जरुरत है। यह हमें सोचना होगा। उनको जो चाहिए उनके पास वो सब कुछ पहले से है, इसकी कोई सीमा नहीं होती है कि आप उनको कितना दे सकते हैं। एक घर है अब उसके बाद कोई अंत नहीं है कि आप शहर में एक और घर बनाए, आउट ऑफ सिटी एक और बनाएं, वो तो आप बनाते रहेंगे। इसमें महत्वपूर्ण यह है कि हमने उनको वो नहीं दिया, जो उनको हमसे चाहिए था।

ऐसा जरुरी नहीं है कि सभी की इच्छा एक जैसी हो। हर एक का हाव-भाव अलग, परिवार अलग, सोच अलग लेकिन एक मिनट रुककर हमें खुद से पूछना होगा कि हमें क्या चाहिए और परिवार को क्या? तो फिर ज़रा रुकिए और सोचिये समय परिवार को देना भी जरुरी है।

- अर्पित ओमर
arpit.itees@gmail.com