आज के दिन कोई अपनी मां को तोहफा देकर अपनी भावनाओं को बताता है तो कोई कविता या अपनी लेखनी से मां को खुश करने की कोशिश करता है। बच्चों के लिए मां का प्यार कभी कम नहीं होता, यह एक ऐसा रिश्ता है जिसमें कभी-भी इंसान दूर नहीं जाता, चाहे वह किसी भी उम्र के पड़ाव में हो। मां के लिए बच्चों की भावनाएं हमेशा चरम पर होती हैं।
बचपन से लेकर बुढ़ापे तक मां कभी अपने बच्चों को दूर नहीं जाने देना चाहती। आज के दौर में हर कोई पढ़ाई और जॉब के लिए अपने घर से बाहर दूसरे शहर में जाता है और मां अपने दिल में पत्थर रखकर बच्चे की खुशी के लिए घर से बाहर जाने की अनुमति देती हैं। सुबह से रात तक मां अपने बच्चों की दिल से जितनी सेवा करती हैं शायद ही कोई और रिश्ता होगा जिसमें खुद से ज्यादा कोई किसी को प्यार करता है। घरेलू कलह से लेकर बटवारे तक के विवाद में सभी रिश्ते तारतार हो जाते हैं लेकिन मां और बच्चे का रिश्ता सदा बना रहता है।फिल्मी दुनिया की बात हो या वास्तविक जीवन की, दोनों ही तस्वीरों में मां और बच्चे के लिए सदा एक ही देखने को मिलेगा। मां का आशीर्वाद अपने बच्चों पर सदा बना रहता है। घर हो या बाहर हर जगह मां अपने बच्चों का ध्यान रखती हैं। पूरे घर में सबसे ज्यादा कार्य करने वाली मां जो बिना किसी स्वार्थ के, बिना किसी लोभ के अपने बच्चों की सभी जरूरतों का समयानुसार ध्यान रखती हैं। धरती की तरह मां भी अपने बच्चों की सुरक्षा कवच बनती हैं। बच्चे की एक आह से मां के कलेजे में उठा दर्द किसी गम्भीर चोट से कम नहीं होता है।
कहते हैं बेटे मां के लाडले और बेटियां पिता की लाडली होती हैं। मां प्यार दोनों से करती हैं लेकिन तवज्जो बेटे को ज्यादा देती हैं लेकिन वास्तविकता में मां दोनों से बेहद प्यार करती हैं। समय बदल रहा है लेकिन मां और बच्चे के रिश्ते में कोई परिवर्तन नहीं आया। बड़े हों या बच्चे जो भी अपने घर से दूर रह रहे हैं, वह जरूर अपनी
मां को मिस करते हैं। मां के अनेक नाम मम्मा, मॉम, मां और भी नामों से मां को बुलाया जाता है। मां के हाथ का बना खाना सभी को बेहद अच्छा लगता है। जिस तरह हम सभी हर किसी खास के लिए एक दिन निश्चित कर लेते हैं उसी तरह मदर्स डे भी एक महत्वपूर्ण दिन का हिस्सा है। जो लोग कहते हैं कि आज ही क्यों लोग अपनी मदर्स को याद करके विश कर रहे हैं ? क्या वे रोज़ नहीं याद करते ? तो जनाब आपको बता दें कि प्यार हम सभी से रोज़ करते हैं लेकिन जिस तरह हम बर्थ डे मनाते हैं, फ्रेंडशिप डे मानते हैं, टीचर डे मनाते हैं, चिल्ड्रेन डे मानते हैं, वेलेंटाइन का तो पूरा पूरा हफ्ता मनाते हैं नए साल का जश्न मानते हैं और भी तमाम दिन को उत्साह से मनाते हैं उसी तरह मदर्स डे भी मनाते हैं इसलिए हर डे को खुलकर मनाइए। यकीन मानिए आपको दिल से ख़ुशी मिलेगी।
- अर्पित ओमर
कहते हैं बेटे मां के लाडले और बेटियां पिता की लाडली होती हैं। मां प्यार दोनों से करती हैं लेकिन तवज्जो बेटे को ज्यादा देती हैं लेकिन वास्तविकता में मां दोनों से बेहद प्यार करती हैं। समय बदल रहा है लेकिन मां और बच्चे के रिश्ते में कोई परिवर्तन नहीं आया। बड़े हों या बच्चे जो भी अपने घर से दूर रह रहे हैं, वह जरूर अपनी
मां को मिस करते हैं। मां के अनेक नाम मम्मा, मॉम, मां और भी नामों से मां को बुलाया जाता है। मां के हाथ का बना खाना सभी को बेहद अच्छा लगता है। जिस तरह हम सभी हर किसी खास के लिए एक दिन निश्चित कर लेते हैं उसी तरह मदर्स डे भी एक महत्वपूर्ण दिन का हिस्सा है। जो लोग कहते हैं कि आज ही क्यों लोग अपनी मदर्स को याद करके विश कर रहे हैं ? क्या वे रोज़ नहीं याद करते ? तो जनाब आपको बता दें कि प्यार हम सभी से रोज़ करते हैं लेकिन जिस तरह हम बर्थ डे मनाते हैं, फ्रेंडशिप डे मानते हैं, टीचर डे मनाते हैं, चिल्ड्रेन डे मानते हैं, वेलेंटाइन का तो पूरा पूरा हफ्ता मनाते हैं नए साल का जश्न मानते हैं और भी तमाम दिन को उत्साह से मनाते हैं उसी तरह मदर्स डे भी मनाते हैं इसलिए हर डे को खुलकर मनाइए। यकीन मानिए आपको दिल से ख़ुशी मिलेगी।
- अर्पित ओमर


